Wednesday, July 7, 2021

Pyar Aaye To Bata Bhi Dena|Filhaal2Poetry|filhaalPoetry|filhaal2Mohabbat|Trending Poetry on Filhaal2

फिलहाल ये मोहब्बत ना जाने लोगों से क्या-क्या कराएगी
जब तकलीफ बेइंतहा बढ़ जाएगी,
तो फिर उन्हें मौत की नींद सुलाएगी 
फिलहाल ये मोहब्बत  ना जाने  लोगों से क्या-क्या कराएगी

फिलहाल
 तुम मेरे साथ हो
 मैं तुम्हें सिद्दत से चाहूंगा ,मोहब्बत करूंगा
 पर किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
यूं घूट-घूट के 
  खुद को सजा न देना 
किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
क्या होता गर मैं खफा हो जाता तुमसे
यूं तो मोहब्बत में तड़पते
 दो रूहों को सजा ना मिलती 
भला मैं कैसे खुद को माफ करूंगा
यह जान कर भी गर दिवार बनूंगा,
क्या तुम दोनों को मिलाना 
मेरी वफ़ा न होगी,
फिलहाल
 तुम मेरे साथ हो
 मैं तुझे सिद्दत से चाहूंगा ,मोहब्बत करूंगा
 पर किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
यूं घूट-घूट के 
  खुद को सजा न देना 
किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।

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