जीवन ऐसे ही अपनी गति से समय पूरा करती है,
जब हम दुखी होते हैं तो यही समय पर्वत की तरह विशाल प्रतित होती है और जब हम खुश होते हैं तो मुट्ठी से फिसलते रेत की तरह बहुत तेजी से बित जाती है , ऐसा लगता है कि मानो दुख में यही समय विशाल दानव की तरह तो सुख मे खुश्बू की तरह पल में बिलीन हो जाता है ।
आखिर में क्या बचता है ?
कुछ भी तो नहीं ....कुछ यादों के सिवा ।
जैसे कि हम बचपन में पढ़ते है ना ,
कि किसी भी digit को Zero से Multiply करो तो सब zero हो जाता है , वैसे ही जब मौत से जीन्दगी का सामना होता है तब सब शुन्य यानी Zero हो जाता है ।
Are you getting my point ?
ध्यान से देखें। तो आपमें से अनेकों का मन निराश हो गया होगा कि आखिर में सब Zero ही हो जाना है तो फिर जीवन का क्या तुक बनता है लेकिन Actual में वैसी बात नहीं है और ध्यान से देखेगे तो आप पाएंगे कि इससेे अथाह संभावनाएं छिपी हुई है , वहीं जब हम Zero से किसी भी digit को divide करते हैं तो Result Not define आता है और जल्दी-जल्दी कभी-कभी उसे हम Infinite बोल जाते हैं । शुन्य एक ऐसा संदुक है जिसमें हाथ डालकर आप जैसा Imagine करते हैं वैसी ही चीजें बाहर निकलती है ।
Feel the Power of the Zero
And Create the world as you want .

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