Monday, June 7, 2021
Jiwan-Mantra || Short videos Series || Part-06 || Kabir Das || PoemNagari
Jiwan-Mantra ||Short videos Series || Part-05 || Kabir Das || PoemNagari
Jiwan-Mantra ||Short videos Series|| Part-04 || Kabir Das || PoemNagari
Jiwan-Mantra || Short videos Series ||Part -03 || Kabir Das || PoemNagari
Jiwan-Mantra || Short videos Series ||Part-02 ||Kabir Das ||PoemNagari
Jiwan-Mantra || Short videos Series ||Part-01 ||Kabir Das ||PoemNagari
Saturday, April 24, 2021
Ladki Jab Se Dekhi ,Din Me Tare Deekh Gaye |Kishor |Poetry | PoemNagari
Ek Ladki Hai Jo Kahaniya Bunti Hai | Kishor | Poetry |PoemNagari
जो कहानियां बुनती है ।
बिन कहे
मेरे हर एक जज्बात ,
और मेरी हर एक दूरी को
पास लिखती है ।
एक लड़की है ,
जो कहानियां बुनती है ।
मेरी हर एक उदासी को एहसासे-सुखन
और मेरी हर एक भूली-बिसरी
यादों को समेट
कुछ मनभावन
बात गढ़ती है।
एक लड़की है,
जो कहानियां बुनती है।
हकिकत ,झूठ -फरेब
और बेवफाई छोड़
मेरी हर एक तनहाई को
मिलन की रात लिखती है,
एक लड़की है ,
जो कहानियां बुनती है।
साधे-सादे जीवन को
अलग और अनूठे शब्दों में पिरो कर
रंग बिरंगे ख्वाबों की
कलमकारी करती है,
एक लड़की है,
जो कहानियां बुनती है।
Monday, April 19, 2021
You Can Judge me ||I Don't Care ||Kishor ||Poetry ||PoemNagari
Monday, February 8, 2021
Honour Killing I HindiPoetry |PoemNagari
क्या कविता अनामिका जी द्वारा लिखित है ।
मीरारानी तुम तो फिर भी खुशकिस्मत थीं,
तुम्हे जहर का प्याला जिसने भी भेजा,
वह भाई तुम्हारा नहीं था,
भाई भी भेज रहे हैं इन दिनों
जहर के प्याले!
कान्हा जी जहर से बचा भी लें,
कहर से बचायेंगे कैसे!
दिल टूटने की दवा
मियाँ लुकमान अली के पास भी तो नहीं होती!
भाई ने जो भेजा होता
प्याला जहर का,
तुम भी मीराबाई डंके की चोट पर
हंसकर कैसे ज़ाहिर करतीं कि
साथ तुम्हारे हुआ क्या!
"राणा जी ने भेजा विष का प्याला"
कह पाना फिर भी आसान था,
"भैया ने भेजा"- ये कहते हुए
जीभ कटती!
कि याद आते वे झूले जो उसने झुलाए थे
बचपन में,
स्मृतियाँ कशमकश मचातीं;
ठगे से खड़े रहते
राह रोककर
सामा-चकवा और बजरी-गोधन के सब गीत :
"राजा भैया चल ले अहेरिया,
रानी बहिनी देली आसीस हो न,
भैया के सिर सोहे पगड़ी,
भौजी के सिर सेंदुर हो न..."
हंसकर तुम यही सोचतीं-
भैया को इस बार
मेरा ही आखेट करने की सूझी?
स्मृतियाँ उसके लिए क्या नहीं थीं?
स्नेह, सम्पदा, धीरज-सहिष्णुता
क्यों मेरे ही हिस्से आई,
क्यों बाबा ने
ये उसके नाम नहीं लिखीं?
Monday, February 1, 2021
You Okay ?| Story Telling |PoemNagari
जो जीवन ना बन सका ! || That Could Not Be Life ! || PoemNagari || Hindi Kavita
कविता का शीर्षक - जो जीवन ना बन सका ! Title Of Poem - That Could Not Be Life ! खोखले शब्द जो जीवन ना बन सके बस छाया या उस जैसा कुछ बनके ख...
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मूल रूप से ये कहानी भारतेन्दु हरिश्चंद्र जी की एक नाटक ‘अंधेर नगरी चौपट्ट राजा, टके सेर भाजी टके सेर खाजा’ का अंश हैं। अंधेर नगरी चौपट राजा ...
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प्रस्तुत कविता शिवमंगल सिंह 'सुमन' जी द्वारा लिखित है। शिवमंगल सिंह 'सुमन' (1915-2002) एक प्रसिद्ध हिंदी कवि और शिक्षाविद थ...