Monday, June 7, 2021

Jiwan-Mantra || Short videos Series || Part-06 || Kabir Das || PoemNagari

निंदक यानी कि हमेशा दूसरों की बुराइयां करने वाले लोग , इन लोगों को हमेशा अपने पास रखना चाहिए, क्यूंकि ऐसे लोग अगर आपके पास रहेंगे तो आपकी बुराइयाँ आपको बताते रहेंगे और आप आसानी से अपनी गलतियां सुधार सकते हैं। इसीलिए कहा गया है कि निंदक लोग इंसान का स्वभाव शीतल बना देते हैं।

निंदक नियेरे राखिये, आँगन कुटी छावायें ।
बिन पानी साबुन बिना, निर्मल करे सुहाए ।

Cynic means people who always do evils of others, these people should always be kept with you, because if such people stay with you, then they will keep telling you your evils and you can easily correct your mistakes. That is why it has been said that cynics make the nature of man cold.

nindak niyere raakhiye, aangan kutee chhaavaayen .
bin paanee saabun bina, nirmal kare suhae .

Jiwan-Mantra ||Short videos Series || Part-05 || Kabir Das || PoemNagari

खजूर का पेड़ बेशक बहुत बड़ा होता है लेकिन ना तो वो किसी को छाया देता है और फल भी बहुत दूरऊँचाई  पे लगता है। इसी तरह अगर आप किसी का भला नहीं कर पा रहे तो ऐसे बड़े होने से  कोई फायदा नहीं ।

बड़ा भया तो क्या भया, जैसे पेड़ खजूर ।
पंथी को छाया नहीं फल लागे अति दूर ।

The date palm tree is of course very big, but neither it gives shade to anyone and the fruit also grows at a very high altitude. Similarly, if you are not able to do good to anyone, then there is no use in growing up like this.

bada bhaya to kya bhaya, jaise ped khajoor .
panthee ko chhaaya nahin phal laage ati door .

Jiwan-Mantra ||Short videos Series|| Part-04 || Kabir Das || PoemNagari

इंसान को ऐसी भाषा बोलनी चाहिए जो सुनने वाले के मन को बहुत अच्छी लगे। ऐसी भाषा दूसरे लोगों को तो सुख पहुँचाती ही है, इसके साथ खुद को भी बड़े आनंद का अनुभव होता है।

ऐसी वाणी बोलिए मन का आप खोये ।
औरन को शीतल करे, आपहुं शीतल होए ।

One should speak such language which is very pleasing to the mind of the listener.  Such language not only brings happiness to other people, but it also brings great joy to oneself.

aisee vaanee bolie man ka aap khoye .
auran ko sheetal kare, aapahun sheetal hoe .

Jiwan-Mantra || Short videos Series ||Part -03 || Kabir Das || PoemNagari

अगर मैं इस पूरी धरती के बराबर बड़ा कागज बनाऊं और दुनियां के सभी वृक्षों की कलम बना लूँ और सातों समुद्रों के बराबर स्याही बना लूँ तो भी गुरु के गुणों को लिखना संभव नहीं l

सब धरती काजग करू, लेखनी सब वनराज ।
सात समुद्र की मसि करूँ, गुरु गुण लिखा न जाए ।

It is not possible to write down the qualities of a Guru even if I make a paper as big as the whole earth, and make pens for all the trees of the world and ink as much as the seven oceans.

sab dharatee kaajag karoo, lekhanee sab vanaraaj .
saat samudr kee masi karoon, guru gun likha na jae .

Jiwan-Mantra || Short videos Series ||Part-02 ||Kabir Das ||PoemNagari

यह जो शरीर है वह विष यानी ज़हर से भरा हुआ है और गुरु अमृत की खान हैं। 
अगर अपना शीश यानी सर को भी देने के बदले में आपको कोई सच्चा गुरु मिले तो भी ये सौदा बहुत सस्ता है।

यह तन विष की बेलरी, गुरु अमृत की खान ।
शीश दियो जो गुरु मिले, तो भी सस्ता जान ।
This body is full of poison and the Guru is the mine of nectar.
 Even if you get a true guru in return for giving your head to your head, even then this deal is very cheap.

yah tan vish kee belaree, guru amrt kee khaan .
sheesh diyo jo guru mile, to bhee sasta jaan .

Jiwan-Mantra || Short videos Series ||Part-01 ||Kabir Das ||PoemNagari

अगर हमारे सामने गुरु और भगवान दोनों एक साथ खड़े हों तो आप किसके चरण स्पर्श करेंगे? गुरु ने अपने ज्ञान से ही हमें भगवान से मिलने का रास्ता बताया है इसलिए गुरु की महिमा भगवान से भी ऊपर है और हमें गुरु के चरण स्पर्श करने चाहिए।

गुरु गोविंद दोउ खड़े, काके लागूं पाँय ।
बलिहारी गुरु आपने, गोविंद दियो मिलाय॥

If both the Guru and the Lord stand together in front of us, whose feet will you touch?  The Guru has told us the way to meet God only with his knowledge, so the glory of the Guru is above God and we should touch the feet of the Guru.

guru govind dou khade, kaake laagoon paany .
balihaaree guru aapane, govind diyo milaay.


Saturday, April 24, 2021

Ladki Jab Se Dekhi ,Din Me Tare Deekh Gaye |Kishor |Poetry | PoemNagari

तू टूटा हुआ ट्रैक्टर थी
 मैं तुमको कार समझ बैठा
जिसने मेरे पढ़ाई को डुबोया 
उसी को प्यार समझ बैठा
मैं तो समझता था कि 
तू तो निर्मल ,निर्झर ,पावन गंगा है
पर जिसने मेरे कैरियर को जलाया 
तू तो वही पतंगा है
मंजनू आशिक कहके तुम मुझको दीवाना बनाती रही 
रोज मुझसे दिल की बातें करने
 पंकज स्वीट में बुलाती रही
मेरे दोस्त कहते थे कि 
तू तो मेरे चरणों की दासी है 
मगर मुझे लगता है 
तू मेरे कैरियर की प्यासी है
लड़की जब से देखी 
दिन में तारे दिख गए 
बाल झाड़ना जींस पहनना फैशन करना सीख गए
मेरी अच्छी खासी किस्मत को 
तूने आके फोड़ दिया 
मैं अकेला ही अच्छा था 
न जाने कहां से रिश्ता जोड़ लिया ।

Ek Ladki Hai Jo Kahaniya Bunti Hai | Kishor | Poetry |PoemNagari


एक लड़की है,
जो कहानियां बुनती है ।
बिन कहे
मेरे हर एक जज्बात ,
और मेरी हर एक दूरी को
पास लिखती है ।
एक लड़की है ,
जो कहानियां बुनती है ।
मेरी हर एक उदासी को एहसासे-सुखन
और मेरी हर एक भूली-बिसरी
यादों को समेट
कुछ मनभावन
बात  गढ़ती है।
एक लड़की है,
जो कहानियां बुनती है।
हकिकत ,झूठ -फरेब
और बेवफाई छोड़
मेरी हर एक तनहाई को
मिलन की रात लिखती है,
एक लड़की है ,
जो कहानियां बुनती है।
साधे-सादे  जीवन को
अलग और अनूठे शब्दों में पिरो कर
रंग बिरंगे ख्वाबों की
कलमकारी करती है,
एक लड़की है,
जो कहानियां बुनती है।

Monday, April 19, 2021

You Can Judge me ||I Don't Care ||Kishor ||Poetry ||PoemNagari

you can judge me
I don't Care
Bz I don't know what Next coming ...
 just want to live... live ... & live.
want to accept different colours of life.. Happiness , Sorrow, Ups & Downs... easily. Want to visit each and every corner of this beautiful home planet..And  beyond ....  
 Want to love the beauty of the nature and show gratitude ... For Made  me a part of this.

Monday, February 8, 2021

Honour Killing I HindiPoetry |PoemNagari

क्या कविता अनामिका जी द्वारा लिखित है ।

मीरारानी तुम तो फिर भी खुशकिस्मत थीं,


तुम्हे जहर का प्याला जिसने भी भेजा,


वह भाई तुम्हारा नहीं था,

भाई भी भेज रहे हैं इन दिनों


जहर के प्याले!

कान्हा जी जहर से बचा भी लें,


कहर से बचायेंगे कैसे!

दिल टूटने की दवा


मियाँ लुकमान अली के पास भी तो नहीं होती!

भाई ने जो भेजा होता


प्याला जहर का,


तुम भी मीराबाई डंके की चोट पर


हंसकर कैसे ज़ाहिर करतीं कि


साथ तुम्हारे हुआ क्या!

"राणा जी ने भेजा विष का प्याला"


कह पाना फिर भी आसान था,

"भैया ने भेजा"- ये कहते हुए


जीभ कटती!

कि याद आते वे झूले जो उसने झुलाए थे


बचपन में,


स्मृतियाँ कशमकश मचातीं;


ठगे से खड़े रहते


राह रोककर

सामा-चकवा और बजरी-गोधन के सब गीत :


"राजा भैया चल ले अहेरिया,


रानी बहिनी देली आसीस हो न,


भैया के सिर सोहे पगड़ी,


भौजी के सिर सेंदुर हो न..."

हंसकर तुम यही सोचतीं-


भैया को इस बार


मेरा ही आखेट करने की सूझी?


स्मृतियाँ उसके लिए क्या नहीं थीं?

स्नेह, सम्पदा, धीरज-सहिष्णुता


क्यों मेरे ही हिस्से आई,

क्यों बाबा ने


ये उसके नाम नहीं लिखीं?

Monday, February 1, 2021

You Okay ?| Story Telling |PoemNagari

आखिर इतनी बेचैनी क्यो होती है कभी-कभी .... सारी बाते भुल कर हम वही , जो पहले नही होना चाहिऐ था उसी को दुहराने को इतनी आतुर क्यो हो जाते  है ,शायद यह वही समय होता है जब हमे थोडे पल रुक कर अपने आप को बहुत सावधानी से जानने की जरुरत होती है और उन अनजान बेचैनीयो को समझने की भी ....
                                  इस बावरे और भोले भाले मन से जानने की कोशिश करते है कि अरे भाई  आखिर ये तू क्या दुहराने को तत्पर है ,अगर यही सही है तो ठीक है बेहिचक आगे बढो ... मगर यदि यह ठीक नही ...तो फिर क्यो ! बस इतनी सी बात मन समझ जाऐ तो हम एक नऐ सम्भावा की खोज कर सकेगे ,नही तो बहुत बडी बोझ का सामना करना पड सकता है ... ये तो हुई समझदारी की बात ....लेकिन जब हम स्वभावतः कुछ ऐसा कर देते है जो औरो को ठेस पहुचाती है तो उससे कैसे बाहर निकले ,मन खुद को कोसने लगता है जब कोई समाधान नही दिखता है ,तो एक बैचैनी मन को मलिन कर देती है ...परन्तु दिल जानता है कि मैने जान-बुझकर ऐसा नही किया. ...लेकिन जो किया वह गलत नही था इस बात को कैसे समझाऐ , कैसे उनके नजरो को अपने नजरिया का एहसास दिलाऐ ,तब बहुत कठीन हो जाता है खुद को रख पाना किसी के  सामने ...हम एक दुसरे को समझ ही नही पाते है और ये दुरियाॅ बढती जाती है ....यही पर उस भगवान के  करिशमा का साक्षात्कार भी होता है -

 "बिना किसी सवाल- जबाब ,जब हमे अपनी-अपनी गलतीयो का स्वतः आभास हो जाता है और हम फिर से एक हो जाते है "

जो जीवन ना बन सका ! || That Could Not Be Life ! || PoemNagari || Hindi Kavita

कविता का शीर्षक - जो जीवन ना बन सका ! Title Of Poem - That Could Not Be Life ! खोखले शब्द  जो जीवन ना बन सके बस छाया या  उस जैसा कुछ बनके  ख...