Sunday, July 11, 2021

Sapne Sayad Sone lage hai |Hindi Poetry|PoemNagari|Life Partner and Profession|storytelling|Spokenwords

Life कभी-कभी हमें ले जाकर ऐसे दोराहे पर खड़ा कर देती है की पहले किस तरफ कदम बढ़ाए, यह तय करना मुश्किल हो जाता है और उस समय हमारे सपने, उम्मीदें, कुछ धुंधला-धुंधला सा लगने लगते है,। जब हमें  life Partner और life profession choose करना हो तो कुछ ऐसी ही दुविधाएं आती है , कुछ ऐसी ही दुखड़ा ये कविता भी सुनाती है, गौर फरमाइएगा ,।

हम इधर उधर के
उलूल -जूलूल की बातें में खोने लगे है ,
सपने शायद सोने लगे है ।
इतनी भी आसां कहां है
मंजील को पाना,
सफर है लम्बा , मेहनत है ज्यादा।
ये सोचकर
सिर्फ बैठे- बैठे,
मन में ख्याली ख़्याल बोने लगे है,
सपने शायद सोने लगे है।
जब बड़ा हो लक्ष्य तो समर्पण बड़ी हो,
पर हुई गड़बड़ी, दिल लगाने लगे है,
मंजील को छोड़,
मृगनयनी के नयनों में खोने लगे है,
सपने शायद सोने लगे है,

ये ऐसी है उम्र की दो तरफा मोहब्बत,
कभी ये बुलाए,कभी वो रिझाए
नौकरी या लुगाई,
दोनों एक साथ है आई, क्या करूं मैं भाई,
हम यूं ही हंसते-हंसते रोने लगे है,
सपने शायद सोने लगे है।

क्या आप भी तो किसी ऐसे ही दो राहें पर खड़े नहीं है ?
अगर है ,तो नीचे comment box आप ही के लिए है,  लिख डालिए अपने मन के उद्गार । बहुत बहुत शुक्रिया।



Bachpan ki yaadein|Hindikavita|PoemNagari|Memories of the Childhood|Yaadein Bachpan ki|Best Poetry On Childhood|बचपन की यादें

ये दौलत भी ले लो ,
ये शोहरत भी ले लो ,
भले छीन लो मुझसे मेरी जवानी,
मगर मुझको लौटा दो बचपन का सावन,
 वो कागज़ की कश्ती,वो बारिश का पानी,

वो मोहल्ले की सबसे पुरानी निशानी,
वो बुढ़िया जिसे बच्चे कहते थे नानी,
वो नानी की बातों में परियों का डेरा
वो चेहरे की झुर्रियों में सदियों का फेरा
भुलाऐ नहीं भुल सकता है कोई
वो छोटी सी रातें ,वो लम्बी कहानी
 वो कागज़ की कश्ती,वो बारिश का पानी,

भला कौन होगा जिसे जगजीत सिंह की यह गजल सुन बचपन की यादें ना आती हो, भले ही हम सभी जीवन की व्यस्तता में खुद को ही भुल गए हो मगर बचपन
 की यादें इतनी प्यारी होती है जो भूलाऐ नहीं भूलती ‌।




कड़ी धूप में अपने घर से निकलना 
वो चिड़िया , वो बुलबुल ,वो तितली पकड़ना
वो गुडिया की शादी में लड़ना-झगड़ना
वो झूलों से गिरना , वो गिरकर सम्भलना
वो पीतल की छल्लों के प्यारे से तौफे,
वो टुटी हुईं चुड़ियों की निशानी,
कभी रेत के ऊंचे टिलो पे जाना ,
घरौंदे बनाना , बनाकर मिटाना
वो मासूम चाहत की तस्वीर अपनी
वो ख्वाबों -खिलौनो की जागीर अपनी ,
ना दुनिया का ग़म था ना रिश्तों के बंधन,
बड़ी खुबसूरत थी वो जिन्देगानी ‌।
 वो कागज़ की कश्ती,वो बारिश का पानी,

शायद यह गजल सुनकर आप भी अब तक बचपन में लौट गए होंगे, तो आइए बचपन की यादों को फिर से ताज़ा करते हैं प्रस्तुत कविताओं के माध्यम से -


 
क्या याद है तुम्हे,
 बचपन की वो यादें,
वो पापा का डांटना, मां का दुलारना
चांदा मामा अरे आव,बारे आव 
सोने के कटोरवा में दूध भात लेले आव 
यूं लोरी सुन-सुन कर खाना खाना 
गांव के मेले की वो गाड़ी
पांच की मिलती थी पिचकारी,
ठेले का केला,
बम्बईया मिठाई,
कितनी ही बार पैसे चुराकर खाई
वो राजा रानी चोर सिपाही
वो गुल्ली-डंडा, छुप्पन- छुपाई
वो चुन्नीया से झगड़ा 
वो छोटू से प्यार

वो भाई का नखड़ा
 वो दीदी का प्यार 

वो मम्मी से रुठना , वो पापा से डरना

वो छोटी सी बातों पे खुब झगड़ना

बचपन की जब भी याद आती है ,
दिल तड़पता है , आंखें भर आती है ।

कुछ यूं ही मनभावन होता है बचपन- इस बचपन में





ना केरियर का कोई फिक्र था, 
ना ब्रेकअप का कोई जिक्र था, 
ना लाइफ में कोई टेंशन था। 
बस खाना, खेलना और सोना, 
बचपन का यही Agenda था। 
बस कुछ यू ही रहना हमारा फंडा था।
बचपन का यही Agenda था।। 


स्कूल ना जाने के रहते कई बहाने थे, 
गीली- डंडा, छुपन - छुपाई और कंचे खेल, 
 करते कुछ ऐसे कारनामे थे। 
जब marks sheet में मिलता कभी अंड़ा था,
तो खाना पड़ता डंडा था,
बचपन का यही Agenda था। 
बस कुछ यू ही रहना हमारा फंडा था।
बचपन का यही Agenda था।। 


ना किसी लड़की का चक्कर था, 
ना कोई प्लेसमेंट का डर था। 
बस अपने हर एक पल को जीने का एक जुनून था। 
बस यू ही मज़े मे रहना हमारा धंधा था, 
बचपन का यही Agenda था। 
बस कुछ यू ही रहना हमारा फंडा था।
बचपन का यही Agenda था।।


गर्मियों की छुट्टीओ मे, 
कुछ यू धूम मचाया करते थे।
लेट से जगना, धूप में खेलना, बेवजह खुरापात करना 
और अच्छी खासी, चलती फिरती चीजों को भी 
खोल- खाल कर
 खराब करना, 

बचपन में कुछ यही Agenda था। 
बस कुछ यू ही रहना हमारा फंडा था।
बचपन का यही Agenda था।।
हमे जीने का मज़ा बचपन ही सिखाता है। 
और Life मे सबसे ज्यादा मज़ा बचपन मे ही आता है।।


 वो सारे दिन कहां खो गए,
जाने हम कब बड़े हो गए ।


ये सारी कविताएं मेरे कुछ प्यारे मित्रो के सहयोग के बिना संभव नहीं हो पाता, जिनमें गोल्डू, प्रियांशु, जसिका और डॉली शामिल हैं, आप सभी का तहे दिल से शुक्रिया।


Wednesday, July 7, 2021

Pyar Aaye To Bata Bhi Dena|Filhaal2Poetry|filhaalPoetry|filhaal2Mohabbat|Trending Poetry on Filhaal2

फिलहाल ये मोहब्बत ना जाने लोगों से क्या-क्या कराएगी
जब तकलीफ बेइंतहा बढ़ जाएगी,
तो फिर उन्हें मौत की नींद सुलाएगी 
फिलहाल ये मोहब्बत  ना जाने  लोगों से क्या-क्या कराएगी

फिलहाल
 तुम मेरे साथ हो
 मैं तुम्हें सिद्दत से चाहूंगा ,मोहब्बत करूंगा
 पर किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
यूं घूट-घूट के 
  खुद को सजा न देना 
किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
क्या होता गर मैं खफा हो जाता तुमसे
यूं तो मोहब्बत में तड़पते
 दो रूहों को सजा ना मिलती 
भला मैं कैसे खुद को माफ करूंगा
यह जान कर भी गर दिवार बनूंगा,
क्या तुम दोनों को मिलाना 
मेरी वफ़ा न होगी,
फिलहाल
 तुम मेरे साथ हो
 मैं तुझे सिद्दत से चाहूंगा ,मोहब्बत करूंगा
 पर किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
यूं घूट-घूट के 
  खुद को सजा न देना 
किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।

कुल मिलाकर Zero| Storytelling|InspiringPoetry|TrendingPoetry|Spokenwords|PoemNagari|Kishor

इतनी छोटी जिंदगी में उम्मीदें और यादों के सिवा किसी के पास क्या बचता है , जरा सोचो तो ...वो भी धीरे- धीरे धुंधली होती चली जाती है ।
जीवन ऐसे ही अपनी गति से समय पूरा करती है,
जब हम दुखी होते हैं तो यही समय पर्वत की तरह विशाल प्रतित होती है और जब हम खुश होते हैं तो मुट्ठी से फिसलते रेत की तरह बहुत तेजी से बित जाती है , ऐसा लगता है कि मानो दुख में यही समय विशाल दानव की तरह तो सुख मे खुश्बू की तरह पल में बिलीन हो जाता है ।
आखिर में क्या बचता है ? 
कुछ भी तो नहीं ....कुछ यादों के सिवा ।

जैसे कि हम बचपन में पढ़ते है ना ,
कि किसी भी digit को Zero से Multiply करो तो सब zero हो जाता है , वैसे ही जब मौत से जीन्दगी का सामना होता है तब सब शुन्य यानी Zero हो जाता है ।
Are you getting my point ?

ध्यान से देखें। तो आपमें से अनेकों का मन निराश हो गया होगा कि आखिर में सब Zero ही हो जाना है तो फिर जीवन का क्या तुक बनता है लेकिन Actual में वैसी बात नहीं है और ध्यान से देखेगे तो आप पाएंगे कि इससेे अथाह संभावनाएं छिपी हुई है , वहीं जब हम Zero से किसी भी digit को divide करते हैं तो Result Not define आता है और जल्दी-जल्दी कभी-कभी उसे हम Infinite बोल जाते हैं । शुन्य एक ऐसा संदुक है जिसमें हाथ डालकर आप जैसा Imagine करते हैं वैसी ही चीजें बाहर निकलती है ।
 Feel the Power of the Zero 
And Create the world as you want .

Filhaal 2|Poetic Review|PoemNagari | Filhaal Mohabbat |दोनों Parts की पूरी Stories With New Poetry

फिलहाल ये मोहब्बत ना जाने लोगों से क्या-क्या कराएगी
जब तकलीफ बेइंतहा बढ़ जाएगी,
तो फिर उन्हें मौत की नींद सुलाएगी 
फिलहाल ये मोहब्बत  ना जाने  लोगों से क्या-क्या कराएगी

जब दो तरफा प्यार किसी तीसरे में बंटने लगे ,वह भी रिश्ते की आड़ में उस बेटी के  बाप के पगड़ी के सम्मान में तो क्या ही गजब हो जाता है , आशिक अपने दिलरूबा से  दूर हो जाता है  ... बहुत दिनों के बाद जब फिर से उनकी अचानक से  मुलाकात होती है  तो उनको पिछली सारी भूली-बिसरी  बातें यादें आने लगती है , मगर अभी दोनों मजबूर हैं एक किसी के घर की इज्ज़त आबरू है ,तो दूसरा किसी के मांग का सिंदूर है ।
                इस कहानी के पुरे एक साल बाद कुछ इससे ही मिलती-जुलती कहानी सामने आती हैं जिसमें एक आशिक अपनी शादीशुदा दिलरूबा के आसपास मंडराता हुआ दिखाई देता है, यह जानने की कोशिश में की वह उससे अब भी मोहब्बत करती है , मगर अब यहां सीन कुछ  उल्टा है , उसकी दिलरूबा अब उसे दूर जाने को कहती हैं मगर फिर भी आशिक अपनी दिलरूबा के लिए केयर करते दिखता है, हद तो तब हो जाती है जब उसकी Sweetheart उसकी दी हुई gift को रोड पर फेंक देती है , यह देख जब वह उसे उठाता है ,और अभी देख ही रहा होता है की अचानक से आते    ट्रक का शिकार हो जाता है , कुछ देर के लिए सब थम सा जाता है , बहुत सारे लोग उस बीच सड़क पर जमा हो जाते हैं पीछे से दौड़ी- दौड़ी वह लड़की भी आती है , और अब  मरने के बाद भी आशिक यही जानना चाहते हैं कि वह उससे मोहब्बत करती है ,




कहीं ना कहीं  ऐसी कहानियां आसपास दिख ही जाती है,  अब हरेक कोई  अपनी Better Half से यही कहना चाहेगा ।

फिलहाल
 तुम मेरे साथ हो
 मैं तुम्हें सिद्दत से  चाहूंगा ,मोहब्बत करूंगा
 पर किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
यूं घूट-घूट के 
  खुद को सजा न  देना 
किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
क्या होता गर मैं खफा हो जाता तुमसे
यूं तो मोहब्बत में तड़पते
 दो रूहों को सजा ना मिलती 
भला मैं कैसे खुद को माफ करूंगा
यह जान कर भी गर दिवार बनूंगा,
क्या तुम दोनों को मिलाना 
मेरी वफ़ा न होगी,
फिलहाल
 तुम मेरे साथ हो
 मैं तुझे सिद्दत से  चाहूंगा ,मोहब्बत करूंगा
 पर किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।
यूं घूट-घूट के 
  खुद को सजा न  देना 
किसी पे तुम्हें प्यार आए 
तो बता भी देना ।


Sunday, July 4, 2021

Chaukidaar Kaha ||Zimmedaar Kaha || Satire Poetry || Social Issues || AskGovtPoetry ||Covid Time||Pendemic Situations

जिनपे हमें भरोसा और विश्वास होता है उन्हींको हम अपनी जिम्मेवारियों सौंपते हैं , और आनेवाले कुछ समय के लिए निश्चित हो जाते हैं इसी उम्मीद में की सब ठीक होगा ।
परन्तु जब परिस्थितियां प्रतिकूल दिखाई देने लगे तो फिर हमें सवाल करना पड़ता है ।


लूट रहा घर-द्वार यहां
 बिखर रहा संसार यहां
 जिम्मेवार कहां ?
 चौकीदार कहां ?
 टूट रही सांसे यहां
 बिखरी पड़ी है लाशें यहां
 श्मशानों में लकड़ी तक का इंतजाम कहां 
जिम्मेवार कहां ?
 चौकीदार कहां ?
भुखमरी, बेरोजगारी से तड़पते लोगों का आहार कहां 
जिम्मेवार कहां ?
 चौकीदार कहां ?
झुग्गी-झोपड़ी बस्ती में  
जीवन जहां है खस्ती में 
दो गज कफन का दाम कहां
हो रहा दवाइयों का व्यापार यहां 
जिम्मेवार कहां ?
 चौकीदार कहां ?
धर्म से पहले खतरे में है जान यहां
 देशभक्ति का प्रमाण कहां ?
जिम्मेवार कहां ?
 चौकीदार कहां ?

थोड़ी देर के लिए अपने दिल पर हाथ रख कर सोचोगे तो समझ में आएगा की क्या हो रहा है।
It's time for heal ,Not for Rebel.



Positivity ||Inspiringpoetry || MotivationalPoetry || Positive Thoughts || Awakenwords || PoemNagari || Kishor

जब चारों तरफ असंतुष्टी और निराशा का माहौल हो On that time Positivity की बेहद जरूरत होती है , जैसे कि half glass रखा पानी, किसी को आधा भरा तो किसी को आधा खाली लगता है , कहने का मतलब यह की जैसे आप दुनिया को देखते है यह आपको वैसा ही दिखता है , हारा हुआ मन किसी भी जीत की तैयारी के लिए Eligible नहीं होता है तो हममे हरएक चुनौतीयो को possibilities में बदलने का हूनर हो, ऐसी Attitude Develop होना चाहिए ।


A Magical way to live -
Each and every sorrow moment turns Into happiness 
because of Positivity.
It's a hope , 
it's an opportunity , 
It's an another chance 
to win ,
It comes creativity & discoveries
 to change the world in better forms.
It's a possibility In Difficulties,
It's a smile into sadness , 
It's a Courage Into cowardness.
It's a strength Into weakness..
It Is Everything in Nothing ..
Positivity Is Possibility
 to face the challenges
 with smile .
  
किसी ने ठीक ही कहा है -
मन के हारे हार है ,मन के जीते जीत ।

 And At last but not least Only say 

हमारे कारवां का मंज़िलों को इन्तज़ार है,
यह आंधियों, ये बिजलियों की, पीठ पर सवार है,
जिधर पड़ेंगे ये क़दम बनेगी एक नई डगर
अगर कहीं है स्वर्ग तो उतार ला ज़मीन पर!.... तू ज़िन्दा है तो जिंदगी के जीत में यकीन कर ।

MohBhang || Spokenwords || Storytelling ||InspiringPoetry || Awakenwords ||PoemNagari ||Kishor

In today's time it is very difficult to understand the difference between love and infatuation.
सारे झगड़े की फसाद यही तो है ,
आखिर कितने देख पाते हैं
प्रेम और मोह के बीच की पतली लकीर को 
To be honest, only a small percentage of people understand this.

और अभी के इस Mordern, Restless Time में तो 

हजारों मंजनू अनेकों बार मोह को प्रेम समझकर 
अजीबो गरीब हरकत करते दिखाई देते हैं।

जो एक क्षण में बदल जाए वह प्रेम नहीं , मोह ही हो सकता है 
प्रेम तो शास्वत है, इसमें करूणा है, समर्पण है और स्वतंत्रता है ।
What changes in a moment is not love, it can only be infatuation
 Prem is eternal, it has compassion, surrender and freedom.
प्रेम बढ़ता है और बढ़ता ही जाता है
मगर मोह क्षणभंगुर है
यह बंधन बनाता है ,बोझ पैदा करता है,
यह झूठ का मनभावन महल बनाता है
और हम अपने ही आदतो के गुलाम हो जाते हैं।
Prem grows and grows
 but Moh is fleeting
 It creates a bond, creates a burden,
 It makes a pleasing palace of lies
 And we become slaves to our own habits.

तो यही कहेंगे
की लैला-मजनूं हीर-रांझा 
जो बनना है बन जाना
पर पहले समझो 
प्रेम और मोह का अंतर 
फिर जो करना है कर जाना
इस नई नवेली जीवन की 
सुबह और दोपहरियां कहीं भी गुजरे
पर शाम को अपने घर जाना है
 यह बात है तुम को समझाना 
 यह बात है तुम को समझाना 

If we understand just such a thing, then all the problems will become easy and the disillusionment will be dissolved.

बस इतनी सी बात समझ में आ जाए तो सारे समस्या सरल हो जाएंगे और मोह भंग हो जाएगा
माया मरी न मन मरा, मर-मर गए शरीर ।
आशा तृष्णा न मरी, कह गए दास कबीर ॥

Ek Ladki Hai Jo kahaniya Bunti hai || Storytelling || Spokenwords || Love Poetry || PoemNagari || Kishor

सबके अपने-अपने Dreams है और उसे Fullfill करने की कोशिशें है इस सफर में कोई ऐसा मिल जाता है जिसके सिर्फ साथ होने के एहसास मात्र से सफर खुबसूरत हो जाता है । और हम लेखकों की मंडली में तो वैसे भी अथाह possibility भरी पड़ी है , Just think And Write Down शब्द जीवंत हो उठते हैं और जन-जन के कंठ हार बन जाते हैं ।
      आज मैं वैसी ही एक लड़की के बारे में कुछ सुना रहा हुं जो कहानीयां बुनती है ।



एक लड़की है,
 जो कहानियां बुनती है ।
बिन कहे 
मेरे हर एक जज्बात ,
और मेरी हर एक दूरी को
 पास लिखती है ।
एक लड़की है ,
जो कहानियां बुनती है ।
मेरी हर एक उदासी को एहसासे-सुखन 
और मेरी हर एक भूली-बिसरी 
 यादों को समेट 
कुछ मनभावन
 बात गढ़ती है।
एक लड़की है,
जो कहानियां बुनती है।
हकिकत ,झूठ -फरेब 
और बेवफाई छोड़ 
मेरी हर एक तनहाई को 
मिलन की रात लिखती है,
एक लड़की है ,
जो कहानियां बुनती है।
साधे-सादे जीवन को 
अलग और अनूठे शब्दों में पिरो कर
 रंग बिरंगे ख्वाबों की
 कलमकारी करती है,
एक लड़की है,
जो कहानियां बुनती है।

Do you know anyone like that ?
अगर हां, तो नीचे Comment Box अपनी कहानियां जरूर साझा करें ।

Ek Ladki Muskurane Lagi Hai || Love Poetry || Emotional Words || Feelings Of Love || Spokenwords ||PoemNagari

क्या आपको भी कुछ ऐसा महसूस हुआ है जैसा कि मुझे आज कल महशुस हो रहा है, बस यूं ही बैठे-बैठे smile comes on the face and the mind gets lost in the beautiful imagination of the future चेहरे पर मुस्कान आ जाती है और मन भविष्य की सुन्दर कल्पनाओं में खो जाता है शायद यह किसी के दिल के दरवाज़े पर आने की आहट है।


अभी कुछ दिनों से -
एक लड़की मुस्कुराने लगी है,
बातों बातों में नजरें चुराने लगी है 
अभी कुछ दिनों से-
 एक लड़की मुस्कुराने लगी है,
 मेरा भी हाल कुछ ऐसा हुआ है
 
कि मन का भंवरा चहकने- मचलने लगा है 
सच कहूं तो
 मुझे भी वो भाने लगी है ,
अभी कुछ दिनों से -
एक लड़की मुस्कुराने लगी है।
 ये हवाएं ,ये पत्ते , खिलती ये कलियां 
ऐसा लग रहा है
जैसे खिलखिलाने लगी है ,
गुनगुनाने लगी है , 
ये सब मेरे मन को भाने लगी है ,
अभी कुछ दिनों से -
एक लड़की मुस्कुराने लगी है।
बातों बातों में नजरें चुराने लगी है 
अभी कुछ दिनों से-
 एक लड़की मुस्कुराने लगी है ।

It's a very happy time when we are in love with someone
The whole world seems to be beautiful, and we start to consider ourselves very lucky.
  Be Lucky & Fall In Love 💕

Friday, July 2, 2021

First Time Idiots Thought In College ||Story Telling || Spokenwords ||Satirical Poetry ||Comedy || Kishor ||PoemNagari

First time When we arrived at the gate of the college Then there are Many dreams already Comes On the mind 
उनमें से एक तो यह की चांद सी महबूबा हो , जिसका किसी से कोई हो ना चक्कर ,,,, ऐसे ख्याली पुलाव मन बनाता रहता है और ‌धीरे-धीरे वक्त गुजारता जाता है ,एक Time ऐसा भी आता है जब किसी मृगनयनी से नजरें टकराती है और मन का सितार वो 3Idiots movie वाला Song गुनगुनाने लगता है ।
Gungunati hain yeh hawayein
Gungunata hai gagan
Gaa raha hai yeh saara aalam

Zoobi doobi zoobi doobi pum paara
Zoobi doobi param pum
Zoobi doobi zoobi doobi naache kyun
Paagal stupid mann

सचमुच में कुछ ऐसी Stupid सी घटनाएं घटती हैं 
जैसे कि


Shaakhon pe pattey gaa rahe hain
Phoolon pe bhanvre gaa rahe
Deewani kirine gaa rahi hain
Yeh panchhi gaa rahe

Ohhh..
Bagiya mein do phoolon ki
Ho rahi hai guft-gu
Jaisa filmon mein hota hai
Ho raha hai hu-bahoo

Iiiii iii..
Stop !! Stop !!!
कहां खो गए जनाब ,जरा ठहरिए,
दो से ढाई घंटे की फिल्म में बेचारे क्या-क्या दिखाएंगे,
Real life में हर एक मजनू को यही लगता है कि उसकी गर्लफ्रेंड स्वर्ग की परी है वही दो-तीन साल के बाद वही स्वर्ग की परी किसी हॉरर मूवी की ghost की तरह दिखने लगती है। एक ऐसे ही आशिक को final year तक आते-आते जब future का वाट लगता दिखता है , तब उसे आत्मज्ञान का बोध होता है उसके मन‌ के उद्गार कुछ इस प्रकार poetry के माध्यम से प्रस्तुत है 
गौर फरमाइएगा , की



तू टूटी हुई ट्रैक्टर थी
 मैं तुमको कार समझ बैठा
जिसने मेरे पढ़ाई को डुबोया 
उसी को प्यार समझ बैठा
मैं तो समझता था कि 
तू तो 
निर्मल ,निर्झर ,पावन 
गंगा है
पर जिसने मेरे कैरियर को जलाया 
तू तो वही पतंगा है
मंजनू आशिक कहके 
तुम मुझको दीवाना बनाती रही 
रोज मुझसे दिल की बातें करने
 Candy स्वीट्स में बुलाती रही
मेरे दोस्त कहते थे कि 
तू तो मेरे चरणों की दासी है 
मगर मुझे लगता है 
तू मेरे कैरियर की प्यासी है
लड़की जब से देखी 
दिन में तारे दिख गए 
बाल झाड़ना जींस पहनना फैशन करना सीख गए
मेरी अच्छी खासी किस्मत को 
तूने आके फोड़ दिया 
मैं अकेला ही अच्छा था 
न जाने कहां से रिश्ता जोड़ लिया ।

आप सभी का बहुत-बहुत शुक्रिया , इतने प्यार से सुनने के लिए ।

जो जीवन ना बन सका ! || That Could Not Be Life ! || PoemNagari || Hindi Kavita

कविता का शीर्षक - जो जीवन ना बन सका ! Title Of Poem - That Could Not Be Life ! खोखले शब्द  जो जीवन ना बन सके बस छाया या  उस जैसा कुछ बनके  ख...